Wednesday, 30 July 2014

अपना मोबाइल नम्बर जाने Know your mobile no.


कभी हम नया सिम खरीदते वक्त उसका नम्बर नहीं याद रखते और उपयोग करना शुरू कर देतें हैं और उसमें बैंलेंस पूरा खत्म हो जाता है  ऐसी मुसिबत में हम चाहेंगे कि कोई हमारी मदद कर दे। इसलिए इस समस्या का हल करने के लिए मयंक और श्याम  के द्वारा एक तरीका बताया जा रहा है जरूर अपनाइयेगा....

सबसे पहले अपने मोबाइल नेटवर्क के अनुसार नीचे बताये गए कोड टाइप करें और कोड टाइप करने के बाद ओके का बटन दबाएं सिर्फ दो सेकण्ड बाद आपको अपने नम्बर मोबाइल स्क्रिन पर दिखाई देंगे।
                                       


वोडाफोन
टाइप करें *120*0# औरओके बटन दबा दें

एयरटेल
टाइप करें *121*9# और ओके बटन दबा दें

रिलायंस
टाइप करें *1# और ओके बटन दबा दें

आईडिया
टाइप करें *1# और ओके बटन दबा दें

यूनीनॉर
टाइप करें *555# और ओके बटन दबा दें

टाटा डोकोमो
टाइप करें *580# और ओके बटन दबा दें

बीएसएनएल
टाइप करें *222# और ओके बटन दबा दें

गूगल पर दिखाये अपना नाम show your name on google

गूगल पर अपना नाम दिखाने के लिए आप को इस साईट का इस्तेमाल करना होगा  |
                                               
www.googlelogo.net  पर  जा कर कर सकते है |

Tuesday, 29 July 2014

कम्प्यूटर परिचय


घर होदफतर या फिर स्कुल कम्प्यूटर हर जगह मौजूद है। आज के समय में हर काम कम्प्यूटर पर निर्भर है कम्प्यूटर आज के समय में जन्दगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। शिक्षा योग्यता के साथ कम्प्यूटर ज्ञान होना भी बहूत जरुरी है। कम्प्यूटर की उपयोगिता के बारे में तो सभी को पता है। आज के समय कम्प्यूटर का होना भी बेहद जरुरी है।
    अब हम यह तो जानते है कि कम्प्यूटर हमारे लिये उपयोगी है। घर मे कम्प्यूटर है तो उसे घर के सभी सदस्य इस्तेमाल कर सकते है। लेकिन क्या हम यह जानते है कि हमें किस प्रकार  का कम्प्यूटर लेना है। नही मै बताता हू  आपकों :कम्प्यूटर परचेजिंग एंड टवलशूटिंग के बारे में
   सही तरह का कम्प्यूटर खरीदने के लिये जरुरी है कि कुछ बातो का ध्यान रखा जाये। अपनी जरुरतो के मुताबिक पर्सनल कम्प्यूटर तलाशने और खरीदने में पैसा और समय दोनो लगता है।
   बाजार में दो तरह के कम्प्यूटर उपलब्ध है।
       1-  
ब्रैंडेड नेम कम्प्यूटर
       2- 
क्लोन कम्प्यूटर
1.ब्रैंडेड नेम कम्प्यूटर
    
ऐसा कम्प्यूटर जिसे िकिसे बडी कम्पनी जैसे आईबीएमडैलएचसीएल या कॉम्पैक आदि ने बनाया होब्रैंड नेम कम्प्यूटर कहलाता हैं। ब्रैंड नेम कम्प्यूटर के उपकरण निर्माता कम्प्नी द्वारा तैयार अप्रूव किये होते हैं। ज्यादातर बिकने वाले कम्प्यूटर ब्रैंड नेम कम्प्यूटर होते है।
2.क्लोन कम्प्यूटर
      
शुरुआत में एक ऐसे कम्प्यूटर को क्लोन कम्प्युटर कहा गया जो आईबीएम ने तैयार तो नही किया था लेकिन जो पहले आईबीएम कम्प्यूटर के अनूरुप ही था। बाद में क्लोन कम्प्यूटर यह संज्ञा किसी भी  ऐसे कंम्प्यूटर को दी जाने लगी जिसे किसी बडी कम्प्यूटर निर्माता कंपनी ने तैयार किया हो। क्लोन कम्प्यूटर इस समय बहुत लोकप्रिय हो रहा है क्योकि इसके अलग अलग उपकरण अलग अलग कंपनीयॉ द्वारा तैयार होते है। इससे आपको इस बात की आजादी रहती है कि आप किस कंपनी का कौन सा उपकरण अपने कंम्प्यूटर के साथ चाहते है।
ब्रैंडेड नेम कम्प्यूटर क्लोन कम्प्यूटर में तुलना
     
ब्रैंड नेम कंम्प्यूटर की तुलना में आप किसी कंम्प्यूटर को आसानी से अपग्रेड कर सकते है क्योकि क्लोन कंम्प्यूटर के अलग अलग निर्माताओं द्वारा अलग अलग उपकरण इसकी रेंज बढाने में सहयोग करने है। ब्रैंडेड नेम कम्प्यूटर में उपकरण आमतौर पर खास तरीके से डिजाइन रहते है और उन्हे बदलना खास खर्चीला होता  है। इससे ब्रैंडेड नेम कम्प्यूटर को अपग्रेड करना थोडा मुशिकल होता है।
विश्वसनीयता
   
ब्रैंड नेम कम्प्यूटर क्लोन कम्प्यूटर की तुलना में ज्यादा भरोसेमन्द होते है क्योकि किसी भी बडें ब्रांड का कम्प्यूटर बहुत उच्च स्तर की क्वालिटी से गुजरता है।
कीमत 
   
ब्रैंड नेम कंम्प्यूटर क्लोन कम्प्यूटर की तुलना मं ज्यादा महंगे होते है। हालाकिं क्लोन कंम्प्यूटर सस्ते होते है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वे घटिया क्वालिटी के हो।
खरीदने से पहले थोडा जानकरी लेलें
   
कम्प्यूटर के बारे में अपनें दोस्तेा और सहकर्मियों से बात कर लें। उन्होने किस तरह का कम्प्यूटर खरीदा है। क्या वह उस कम्प्यूटर से सन्तुष्ठ है।  
   
जव आप यह सब जानकरी ले रहें हो तेा इन चिजों के बारे में जरुर ध्यान रखे।
1- प्रोसेसर की स्पीड 
2-
रैम 
3-
हार्डडिस्क
4-
डीविडी राईटर
5-
इनपुर ओर आउटपुट उपकरण 
6-
एंटी वायरस
कम्प्यूटर वायरस
     
वायरस क्या होता है    वायरस कंम्प्यूटर में तबाही लाने वाला प्रोग्राम होता है जो आपकी जानकारी अथवा किसी चेतावनी के बगैर कंम्प्यूटर को नुकसान पहुंचाता है सीधे शब्दों में कहॉ जाये तो कंम्प्यूटर वायरस किसी वाहरी स्त्रोत द्वारा तैयार प्रोग्राम कोड का हिस्सा हेाता है जो अपने आप कम्प्यूटर में जाता है एक बार आपके कम्प्यूटर में वायरस जाये ता आपकी फाइलें और ऑपरेटिंग सिस्टम को नष्ट कर सकते है।
    नेटवर्क इंटरनेट और  - मेंल का बढंता इस्तेमाल कंम्प्यूटर वायरस के फैलने का सबसे आसान जरीया है। वायरस आमतौर पर कम्पयूटर में तीन रास्तों से आता है।
1- 
संक्रमित फाइल को खोलने से।
2- 
संक्रमित प्रोग्राम चलाने से।
3- 
डिस्क डाडव में संक्रमित डिस्क या यू एस बी डिवाइस लगाने से
   अपने कम्प्यूटर को वायरस से बचाने के लिये आपको चाहिये की आप अपने कम्प्यूटर को एंटीवायरस से युक्त रखे। तभी आपका कम्प्यूटर वायरस से मुक्त रहेगा। आज कल तो मार्केट में कई प्रकार के एंटीवायरस उपलब्ध है जो आपके कम्प्यूटर को हर तरह के वायरस से बचा के रखते है। यदि आप के पास पैसे नही है तो कोई बात नही आप कम्प्यूटर में बिना किसी शुक्ल दिये एंटीवायरस डाल सकते है। आपको करना यह है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुये आपको माइक्रोसोफट का माइक्रोसोफट इसेन्शीयल एंटीवायरस  डाउनलोड करना है फिर उसे अपने कम्प्यूटर मे इनस्टॉल करना है